
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों की सिंचाई समस्या को दूर करने के लिए यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत छोटे, सीमांत और एससी/एसटी किसानों को अपने खेत में बोरिंग कराने के लिए सरकारी अनुदान प्रदान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 1.8 लाख बोरिंग का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 826 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस लेख में हम आपको इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ — सब्सिडी राशि, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और स्टेटस चेक करने का तरीका — विस्तार से बताएंगे।
योजना का त्वरित अवलोकन (Overview at a Glance)
| विवरण (Description) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| योजना का नाम | यूपी फ्री बोरिंग योजना / निःशुल्क बोरिंग योजना (Uttar Pradesh Free Boring Scheme) |
| शुरू करने की तिथि | 1 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 28 फरवरी 2027 |
| बजट (वर्ष 2026-27) | ₹826 करोड़ |
| लक्ष्य (Target) | 1.8 लाख बोरिंग |
| एससी/एसटी को सब्सिडी | ₹10,000 (बोरिंग) + ₹5,650 (पंपसेट) |
| सामान्य वर्ग के सीमांत किसान | ₹7,000 (बोरिंग) + ₹5,650 (पंपसेट) |
| सामान्य वर्ग के लघु किसान | ₹5,000 (बोरिंग) + ₹5,650 (पंपसेट) |
| नया ऑनलाइन पोर्टल | scheme.jjmup.org |
| पुराना पोर्टल (अप्रचलित) | miuponline.in |
| भुगतान का माध्यम | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) – सीधे बैंक खाते में |
| भुगतान समयसीमा | आवेदन स्वीकृत होने के 21 दिनों के भीतर |
नोट: यह योजना विशेष रूप से छोटे, सीमांत (मार्जिनल) और एससी/एसटी किसानों को लक्षित करती है। 2025-26 में इस योजना के तहत 2,14,380 आवेदनों में से 1,43,090 (लगभग 67%) फॉर्म रिजेक्ट हो गए थे, इसलिए पात्रता मानदंडों को सही-सही समझना अत्यंत आवश्यक है।
योजना का उद्देश्य (Objective of the Scheme)
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राज्य के छोटे और सीमांत किसानों की सिंचाई समस्या का समाधान करना।
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बोरिंग और पंपसेट पर अनुदान प्रदान करके किसानों पर वित्तीय बोझ को कम करना।
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कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई के साधनों को मजबूत करना।
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एससी/एसटी किसानों को विशेष प्राथमिकता देकर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करना होता है:
| क्रमांक | पात्रता शर्तें | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | मूल निवास | आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। |
| 2 | आयु सीमा | आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। |
| 3 | भूमि सीमा | किसान के पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर (लगभग 0.5 एकड़) कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। एससी/एसटी किसानों के लिए न्यूनतम भूमि की सीमा नहीं है। |
| 4 | किसान वर्ग | यह योजना मुख्यतः लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है। सीमांत किसानों को सब्सिडी में प्राथमिकता दी जाती है। |
| 5 | पात्र फसल | सामान्य किसान केवल गन्ना, सब्जी और फूलों की फसलों के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं। एससी/एसटी किसान किसी भी फसल के लिए आवेदन कर सकते हैं। |
| 6 | सिंचाई स्रोत | आवेदक के पास पहले से कोई अन्य सिंचाई स्रोत (जैसे नहर, कुआँ) न हो। |
| 7 | दस्तावेज़ीकरण | पंपसेट की स्थिति में ISI मार्क वाले पंपसेट का प्रयोग अनिवार्य है। |
| 8 | सहायता की सीमा | आवेदक ने पहले किसी अन्य योजना से बोरिंग या पंपसेट के लिए सरकारी सहायता न ली हो। |
नोट: एक किसान इस योजना का लाभ जीवनकाल में केवल एक बार ही उठा सकता है।
कितनी मिलेगी सब्सिडी? (Subsidy Amount)
यूपी फ्री बोरिंग योजना के तहत सब्सिडी की राशि किसान के वर्ग और बोरिंग के साथ-साथ पंपसेट खरीदने पर भी दी जाती है। नीचे सब्सिडी राशि का विवरण दिया गया है:
| किसान का वर्ग (Farmer Category) | बोरिंग के लिए सब्सिडी | पंपसेट के लिए सब्सिडी | कुल अधिकतम सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| एससी/एसटी (अनुसूचित जाति/जनजाति) | ₹10,000 | ₹5,650 | ₹15,650 |
| सामान्य वर्ग – सीमांत किसान (Marginal) | ₹7,000 | ₹5,650 | ₹12,650 |
| सामान्य वर्ग – लघु किसान (Small) | ₹5,000 | ₹5,650 | ₹10,650 |
महत्वपूर्ण सूचना:
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यह योजना पूरी तरह से मुफ्त (100% सब्सिडी) नहीं है। यह एक निश्चित राशि की अनुदान योजना है, जिसमें सरकार बोरिंग और पंपसेट के खर्च में आंशिक सहायता प्रदान करती है।
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शेष राशि (जैसे सब्सिडी के बाद बचा हुआ खर्च) किसान को स्वयं वहन करना होता है।
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उदाहरण के लिए, लखनऊ में 90 मीटर PVC बोरिंग की लागत लगभग ₹23,000 से ₹25,000 है, जबकि बुंदेलखंड में यह ₹29,000 से ₹33,000 तक हो सकती है। यदि एक एससी/एसटी किसान ₹26,000 की बोरिंग कराता है, तो उसे ₹10,000 की सब्सिडी मिलेगी, शेष ₹16,000 उसे स्वयं देने होंगे।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित सभी दस्तावेजों की स्कैन प्रतियां तैयार रखें:
| दस्तावेज़ का नाम (Document Name) | टिप्पणी (Note) |
|---|---|
| आधार कार्ड (Aadhaar Card) | पहचान प्रमाण एवं डीबीटी लिंकिंग के लिए ❗अनिवार्य❗ |
| भूमि के कागजात (Land Ownership Documents) | खतौनी, 7/12 उतारा (Satbara) या राजस्व रिकॉर्ड |
| आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) | आर्थिक स्थिति के आकलन के लिए |
| आयु प्रमाण पत्र (Age Proof) | जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक की मार्कशीट, या अन्य प्राधिकृत दस्तावेज |
| जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) | (एससी/एसटी वर्ग के लिए अनिवार्य) |
| बैंक पासबुक (Bank Passbook) | आधार से लिंक्ड खाते का विवरण, IFSC कोड सहित |
| पंपसेट की रसीद/बिल | (सब्सिडी के बाद) – केवल ISI मार्क वाले पंपसेट का बिल स्वीकार किया जाता है। |
| मोबाइल नंबर (Mobile Number) | सक्रिय एवं आधार से लिंक्ड नंबर (ओटीपी प्राप्ति हेतु) |
| पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size Photo) | हाल ही में ली गई, साफ तस्वीर |
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online – Step by Step)
यूपी फ्री बोरिंग योजना के लिए आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन करने के लिए नया पोर्टल scheme.jjmup.org का उपयोग करें। पुराना पोर्टल miuponline.in अब अप्रचलित है। नीचे दी गई चरण-दर-चरण प्रक्रिया का पालन करें:
| चरण | कार्य | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | नया आधिकारिक पोर्टल खोलें | scheme.jjmup.org पर जाएं। |
| 2 | “नया पंजीकरण” (New Registration) करें | होमपेज पर “नया पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें। अपनी पूरी जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जिला आदि) दर्ज करें। |
| 3 | पंजीकरण पुष्टि करें | पंजीकरण के बाद एक बेनिफिशियरी आईडी (Beneficiary ID) और पासवर्ड प्राप्त होगा। इसे सुरक्षित रखें। |
| 4 | लॉगिन करें | प्राप्त बेनिफिशियरी आईडी (Beneficiary ID) और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें। |
| 5 | योजना का चयन करें | डैशबोर्ड पर उपलब्ध योजनाओं की सूची से “यूपी फ्री बोरिंग योजना” या “निःशुल्क बोरिंग योजना” का चयन करें। |
| 6 | आवेदन फॉर्म भरें | मांगी गई सभी जानकारी (व्यक्तिगत विवरण, भूमि विवरण, बैंक खाता विवरण आदि) सही-सही भरें। |
| 7 | दस्तावेज़ अपलोड करें | ऊपर सूचीबद्ध सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन प्रतियां निर्धारित प्रारूप (JPEG/PDF) और आकार में अपलोड करें। |
| 8 | फॉर्म जमा करें (Submit) | फॉर्म और दस्तावेजों की पुनः जांच करें और फिर “अंतिम रूप से जमा करें” (Final Submit) बटन पर क्लिक करें। |
| 9 | रसीद प्रिंट करें | सबमिशन के बाद मिलने वाली रसीद (Receipt) का प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख लें। |
सुझाव: किसी भी तकनीकी परेशानी से बचने के लिए, अंतिम तिथि से कम से कम 7-10 दिन पहले आवेदन पूरा कर लें।
आवेदन स्टेटस और स्वीकृत किसानों की सूची कैसे चेक करें? (Application Status & Beneficiary List)
अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
| चरण | कार्य | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | पोर्टल खोलें | scheme.jjmup.org पर जाएं। |
| 2 | “आवेदन की स्थिति देखें” लिंक चुनें | होमपेज पर “आवेदन की स्थिति देखें” (Application Status) लिंक पर क्लिक करें। |
| 3 | जानकारी दर्ज करें | मांगी गई जानकारी, जैसे बेनिफिशियरी आईडी (Beneficiary ID), पंजीकृत मोबाइल नंबर, या आधार नंबर दर्ज करें। |
| 4 | स्टेटस देखें | सबमिट करने के बाद आपकी स्क्रीन पर आवेदन की स्थिति (स्वीकृत/स्वीकृत/अपलोड) (जैसे प्रक्रियाधीन, स्वीकृत, अस्वीकृत, भुगतान जारी) दिख जाएगी। |
लाभार्थी सूची (Beneficiary List) देखने के लिए:
आप पोर्टल के “लाभार्थी सूची” (Beneficiary List) सेक्शन में अपना जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर PDF सूची डाउनलोड कर सकते हैं और Ctrl+F दबाकर अपना नाम खोज सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया (Offline Process)
यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में असहज हैं या आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो आप ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं:
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ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: अपने विकास खंड (ब्लॉक) कार्यालय या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाकर आवेदन करें।
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शहरी क्षेत्रों के लिए: अपने जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) के कार्यालय या नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) से संपर्क करें।
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आवश्यक दस्तावेज: सभी मूल दस्तावेजों और उनकी स्व-सत्यापित प्रतियों के साथ जाएं।
हेल्पलाइन एवं सहायता (Helpline & Support)
यदि आपको इस योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी की आवश्यकता हो, तो आप निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
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जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास): अपने जिले के समाज कल्याण विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
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विकास खंड अधिकारी (ब्लॉक विकास अधिकारी): अपने ब्लॉक (प्रखंड) कार्यालय में संपर्क करें।
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ग्राम विकास अधिकारी (GVO): अपनी ग्राम पंचायत के GVO से संपर्क करें।
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CSC सेंटर (कॉमन सर्विस सेंटर): अपने नजदीकी CSC सेंटर से सहायता लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या यूपी फ्री बोरिंग योजना वास्तव में 100% मुफ्त है?
उत्तर: नहीं, यह योजना पूरी तरह से मुफ्त नहीं है। यह एक निश्चित राशि (₹10,000 तक) की अनुदान योजना (Subsidy Scheme) है, जिसमें सरकार बोरिंग की कुल लागत का एक हिस्सा वहन करती है। शेष राशि किसान को स्वयं देनी होती है।
प्रश्न 2: इस योजना के लिए न्यूनतम भूमि कितनी चाहिए?
उत्तर: एससी/एसटी किसानों के लिए न्यूनतम भूमि की कोई सीमा नहीं है। सामान्य वर्ग के किसानों के पास 0.2 हेक्टेयर (लगभग 0.5 एकड़) कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
प्रश्न 3: क्या एक किसान कई बार इस योजना का लाभ ले सकता है?
उत्तर: नहीं। एक किसान इस योजना का लाभ जीवनकाल में केवल एक बार ही उठा सकता है।
प्रश्न 4: आवेदन करने का नया पोर्टल क्या है?
उत्तर: इस योजना के लिए नया आधिकारिक पोर्टल scheme.jjmup.org है। पुराना पोर्टल miuponline.in अब अप्रचलित हो चुका है।
प्रश्न 5: यदि मेरा आवेदन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: आवेदन रिजेक्ट होने के सामान्य कारण हैं – अधूरे दस्तावेज, गलत बैंक खाता जानकारी, पात्रता मानदंडों को पूरा न करना, या e-KYC का अधूरा होना। आप रिजेक्शन का कारण जानने के लिए अपने ब्लॉक कार्यालय या नजदीकी CSC केंद्र से संपर्क कर सकते हैं और आवश्यक सुधार करके दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 6: क्या मैं पंपसेट के लिए अलग से आवेदन कर सकता/सकती हूँ?
उत्तर: हाँ। योजना के तहत बोरिंग और पंपसेट दोनों के लिए अलग-अलग सब्सिडी दी जाती है। आप चाहें तो केवल पंपसेट (₹5,650) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते आपके पास बोरिंग की आवश्यकता न हो। पंपसेट केवल ISI मार्क वाला होना चाहिए।
प्रश्न 7: सब्सिडी की राशि खाते में कब आएगी?
उत्तर: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आवेदन स्वीकृत होने और बोरिंग का कार्य पूरा होने के बाद, सब्सिडी की राशि 21 दिनों के भीतर PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से आपके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) से भेज दी जाएगी।
निष्कर्ष
यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 उत्तर प्रदेश के छोटे, सीमांत और एससी/एसटी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। हालाँकि इसमें अनिवार्य नई KYC (ई-केवाईसी) प्रक्रिया को पूरा किया जाना अब अनिवार्य हो गया है और बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए। साथ ही, यह योजना किसान को बोरिंग और पंपसेट की लागत में रियायत (मदद) प्रदान करती है, न कि पूरी राशि मुफ्त में। इसलिए, आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता की पुष्टि कर लें, सभी दस्तावेज तैयार रखें, और 28 फरवरी 2027 की अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा करें। सही योजना और सही जानकारी के साथ, यह योजना आपके खेत की सिंचाई का एक स्थायी समाधान बन सकती है।