
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ (Maiya Samman Yojana) राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, फिलहाल यह योजना एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि मई और जून 2025 माह की बकाया किस्त का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। इससे लाभार्थी महिलाएं चिंतित हैं और जानना चाहती हैं कि उन्हें उनकी बकाया राशि कब मिलेगी। इस लेख में हम इस देरी के कारणों, विभागीय तैयारियों, योजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मंईयां सम्मान योजना: एक परिचय
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जुलाई 2024 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। शुरुआत में इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह की सहायता दी जाती थी। बाद में, विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह करने की घोषणा की, जिस पर चुनाव के बाद अमल किया गया। योजना के तहत पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाता है।
मई और जून 2025 की किस्त: क्या है स्थिति?
योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक माह की 15 तारीख तक लाभार्थियों के खातों में पेंशन/किस्त की राशि अंतरित कर दी जानी चाहिए। लेकिन मई 2025 की किस्त अब तक नहीं आई है और जून 2025 की किस्त भी लंबित है। इस देरी का मुख्य कारण सामाजिक सुरक्षा निदेशालय में निदेशक पद का रिक्त होना बताया जा रहा है। पिछले दिनों निदेशक समीरा एस का स्थानांतरण (ट्रांसफर) पलामू का डीसी बनाकर कर दिया गया था, लेकिन अब तक उनके स्थान पर किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सभी जिला कोषांग राशि अंतरित करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें विभागीय स्तर से ‘हरी झंडी’ (Green Signal) मिलने की प्रतीक्षा है, जो निदेशक के आने के बाद ही संभव हो पाएगी।
बकाया किस्त: मुख्य बिंदु (Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना |
| राज्य | झारखंड |
| लाभार्थी | राज्य की पात्र महिलाएं |
| मासिक सहायता (वर्तमान) | ₹2,500 प्रति माह |
| बकाया माह | मई 2025 और जून 2025 |
| भुगतान की समय-सीमा | प्रत्येक माह की 15 तारीख |
| विलंब का कारण | सामाजिक सुरक्षा निदेशक पद रिक्त, ग्रीन सिग्नल का इंतज़ार |
| लाभार्थियों की संख्या (पूर्व) | 43 लाख से अधिक |
| आधिकारिक विभाग | महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड |
कब तक मिलेगी बकाया राशि?
ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही सामाजिक सुरक्षा निदेशालय में नए निदेशक की नियुक्ति होगी, किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि 15 जून 2025 के बाद जल्द ही इस दिशा में कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लाभार्थियों के खातों में मई और जून दोनों माह की कुल ₹5,000 राशि एक साथ भेजी जाएगी या केवल एक माह की। पिछले अनुभवों को देखते हुए, जब मई 2025 के अंत में अप्रैल माह की किस्त जारी की गई थी, तो संभावना है कि दोनों माह की बकाया राशि एक साथ ही डीबीटी की जाएगी।
योजना की पिछली किश्तों का लेखा-जोखा
यह पहली बार नहीं है जब किस्तों के भुगतान में देरी हुई हो। अतीत में भी समय-सीमा का पालन करना चुनौतीपूर्ण रहा है। आइए एक नज़र डालते हैं पिछली महत्वपूर्ण घटनाओं पर:
| घटना | विवरण |
|---|---|
| योजना की शुरुआत (जुलाई 2024) | ₹1,000 प्रति माह की दर से शुरुआत। |
| राशि वृद्धि की घोषणा | चुनाव से पहले ₹2,500 प्रति माह करने का वादा। |
| पहली बड़ी किस्त (6 जून 2024) | 56.62 लाख लाभार्थियों को ₹2,500 प्रति माह की दर से भुगतान। |
| फर्जी लाभार्थी पकड़े गए | फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद कई फर्जी खाते हटाए गए। |
| तीन माह की किस्त (होली से पहले) | 37.55 लाख लाभार्थियों को जनवरी-फरवरी-मार्च की ₹7,500 राशि मिली। |
| अतिरिक्त लाभार्थी जुड़े | बैंक खातों की जांच के बाद 5.52 लाख और महिलाओं को तीन माह की किस्त दी गई (कुल 43 लाख+ लाभार्थी)। |
| अप्रैल माह की किस्त | मई 2025 के अंतिम दिनों में जारी की गई। |
देरी के अन्य संभावित कारण
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प्रशासनिक स्थगन: निदेशक पद पर नियुक्ति न होना मुख्य बाधा है।
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सत्यापन प्रक्रिया: फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए चल रही जांच प्रक्रिया भी भुगतान को प्रभावित करती है।
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तकनीकी मुद्दे: बैंक खातों की आधार सीडिंग और DBT पोर्टल से जुड़ी समस्याएं भी कभी-कभी देरी का कारण बनती हैं।
लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
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धैर्य रखें: विभाग राशि जारी करने की प्रक्रिया में है, जल्द ही भुगतान होने की उम्मीद है।
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बैंक खाता चेक करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और सक्रिय है।
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आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र रखें: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की वेबसाइट और स्थानीय समाचारों पर ध्यान दें।
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किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें: केवल सरकारी स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मंईयां सम्मान योजना की मई और जून 2025 की किस्त क्यों नहीं आई है?
उत्तर: इस देरी का मुख्य कारण सामाजिक सुरक्षा निदेशालय में निदेशक पद का रिक्त होना है। नए निदेशक की नियुक्ति के बाद ही विभागीय स्तर से किस्त जारी करने की अनुमति (ग्रीन सिग्नल) मिल सकेगी।
प्रश्न 2: बकाया राशि कब तक आ सकती है?
उत्तर: निदेशक की नियुक्ति होते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि 15 जून 2025 के बाद जल्द ही भुगतान किया जाएगा।
प्रश्न 3: क्या मई और जून, दोनों माह की राशि एक साथ आएगी?
उत्तर: यह अभी स्पष्ट नहीं है। पिछले पैटर्न को देखते हुए, दोनों माह की बकाया राशि (कुल ₹5,000) एक साथ आने की संभावना है।
प्रश्न 4: क्या इस योजना के लाभार्थियों की संख्या बदली है?
उत्तर: पिछले सत्यापन अभियान में कुछ फर्जी लाभार्थियों को हटा दिया गया था और कुछ नए जुड़े थे। वर्तमान में लाभार्थियों की सटीक संख्या विभाग की आधिकारिक सूचना से ही ज्ञात होगी।
प्रश्न 5: अगर मेरा पैसा नहीं आया तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: अपने बैंक खाते की स्थिति जांचें, सुनिश्चित करें कि यह आधार-लिंक है। फिर भी समस्या हो तो संबंधित जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता कार्यक्रम है। हालांकि वर्तमान में प्रशासनिक कारणों से भुगतान में देरी हो रही है, लेकिन विभाग राशि जारी करने की पूरी तैयारी में है। सभी पात्र लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे धैर्य रखें और आधिकारिक स्रोतों से अपडेट प्राप्त करें। उम्मीद है कि जल्द ही निदेशक की नियुक्ति होगी और सभी बकाया राशि (मई एवं जून) लाभार्थियों के खातों में अंतरित कर दी जाएगी।