pm awas yojana 2 kist kab aayegi 2026 | पीएम आवास योजना की दूसरी किस्त कब जारी होगी | Pm awas yojana 2.0 ki dusri kist kab aaegi

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्र परिवारों को तीन किश्तों में वित्तीय सहायता दी जाती है। पहली किस्त से नींव तैयार करने और दीवारें खड़ी करने का काम शुरू हो जाता है, लेकिन अक्सर लाभार्थियों के मन में यह सवाल होता है कि दूसरी किस्त कब आएगी? यदि आप भी इसी उधेड़बुन में हैं कि आपकी दूसरी किस्त क्यों नहीं आ रही है, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आपको दूसरी किस्त से जुड़ी सभी जरूरी शर्तों, समयसीमा, स्टेटस चेक करने के तरीकों और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब विस्तार से देंगे।

एक नजर में: PMAY-G की तीनों किस्तें

पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत मिलने वाली कुल सहायता राशि तीन चरणों में विभाजित है। हर किस्त तभी जारी होती है जब मकान निर्माण का एक निर्धारित चरण पूरा हो जाता है और उसकी ऑनलाइन जांच हो जाती है। आइए, सबसे पहले तीनों किश्तों का संक्षिप्त विवरण समझ लेते हैं:

किस्त राशि (लगभग) कब मिलती है?
पहली किस्त ₹40,000 लाभार्थी का नाम स्वीकृत होने और घर बनाने की शुरुआत करने पर।
दूसरी किस्त ₹40,000 मकान की नींव से लेकर लिंटल स्तर (छत की बीम) तक का निर्माण पूरा होने पर, और उसकी जियो-टैग फोटो AwaasSoft पोर्टल पर अपलोड होने के बाद।
तीसरी किस्त ₹40,000 घर पूरी तरह तैयार हो जाने (छत, दरवाजे, खिड़कियां आदि सहित) और अंतिम निरीक्षण के बाद।

नोट: मैदानी क्षेत्रों में कुल सहायता ₹1,20,000 है, जबकि पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्रों में यह ₹1,30,000 हो सकती है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹12,000 भी दिए जाते हैं

दूसरी किस्त के लिए क्या शर्तें हैं?

यह समझना बहुत जरूरी है कि दूसरी किस्त अपने आप नहीं आ जाती। इसे प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित तीनों शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  1. लिंटल लेवल तक निर्माण पूरा हो: इसका सीधा मतलब है कि आपके घर की दीवारें पूरी तरह उठ चुकी हों और छत की बीम (लिंटल) डाली जा चुकी हो। केवल नींव खोदने भर से काम नहीं चलेगा। यह कार्य आमतौर पर पहली किस्त मिलने के 2 से 4 महीने के भीतर पूरा किया जा सकता है

  2. जियो-टैगिंग फोटो का अपलोड होना: यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। आपके मकान के निर्माण की लोकेशन (जीपीएस) के साथ फोटो सरकारी पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए। यह काम आप स्वयं नहीं कर सकते; यह आपके गांव के रोजगार सेवक या ग्राम पंचायत के अधिकृत कर्मचारी द्वारा किया जाएगा। यदि यह फोटो अपलोड नहीं हुई, तो दूसरी किस्त जारी नहीं की जाएगी

  3. आधार से जुड़ा बैंक खाता सक्रिय हो: दूसरी किस्त भी डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के जरिए आपके बैंक खाते में आती है। इसके लिए आवश्यक है कि आपका बैंक खाता आपके आधार नंबर से लिंक हो, खाता सक्रिय हो और NPCI मैपिंग भी सही हो। ध्यान रखें कि आधार और बैंक खाते में आपका नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए

दूसरी किस्त आने में कितना समय लगता है?

सामान्य परिस्थितियों में, जियो-टैगिंग फोटो अपलोड होने के 15 से 30 कार्यदिवसों के भीतर दूसरी किस्त आपके खाते में आ जानी चाहिए। हालांकि, कई बार व्यवस्थागत कारणों से इसमें 30 से 60 दिन या उससे भी अधिक का समय लग सकता है

दूसरी किस्त का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?

अपनी किस्त की स्थिति जानने के लिए आप नीचे दिए गए दो आसान तरीकों को अपना सकते हैं:

तरीका 1: आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.dord.gov.in) से

  1. सबसे पहले, PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in खोलें।

  2. ऊपर दिए गए मेनू में, “Awaassoft” पर क्लिक करें और फिर “Reports” पर क्लिक करें।

  3. यहां “Beneficiary Details for Verification” लिंक पर क्लिक करें।

  4. इसके बाद अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें और कैप्चा भरकर “Submit” पर क्लिक करें।

  5. आपके सामने आपके गांव के लाभार्थियों की सूची आ जाएगी, जिसमें आपकी किस्त की जानकारी भी शामिल होगी।

तरीका 2: UMANG ऐप से

  1. अपने मोबाइल में UMANG ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें।

  2. ऐप में “PM Awas Yojana Gramin” सर्च करें।

  3. Installment Details” का विकल्प चुनें और अपनी 12 अंकों की पंजीकरण संख्या दर्ज करें।

  4. आपकी पूरी भुगतान इतिहास (पेमेंट हिस्ट्री) स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी

अगर दूसरी किस्त नहीं आ रही है, तो क्या करें?

यदि सभी शर्तें पूरी होने के बावजूद आपकी दूसरी किस्त नहीं आ रही है, तो नीचे दिए गए कदम उठाएं:

  1. पोर्टल पर स्टेटस खुद जांचें: सबसे पहले ऊपर बताए गए तरीके से pmayg.dord.gov.in पर अपनी पेमेंट स्टेटस जांच लें।

  2. बैंक खाते की जांच करवाएं: अपने बैंक में जाकर यह पुष्टि कर लें कि आपकी NPCI आधार मैपिंग सक्रिय है या नहीं और खाता सही स्थिति में है

  3. रोजगार सेवक से संपर्क करें: जांचें कि क्या आपकी जियो-टैगिंग फोटो सही ढंग से अपलोड हो गई है। रोजगार सेवक से AwaasSoft पोर्टल पर फोटो की स्थिति दिखाने का आग्रह करें

  4. बीडीओ कार्यालय में शिकायत दर्ज करें: यदि समस्या बनी रहती है, तो अपने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) के कार्यालय में लिखित में शिकायत दें।

  5. टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करें: सरकारी टोल-फ्री नंबर 1800-11-6163 पर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच कॉल करें

  6. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: pmayg.dord.gov.in पर “Public Grievance” के विकल्प पर क्लिक करके अपनी शिकायत ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. प्रश्न: दूसरी किस्त आने के लिए सबसे जरूरी काम क्या है?
उत्तर: दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए सबसे जरूरी है लिंटल स्तर तक निर्माण पूरा करवाना और फिर उसकी जियो-टैगिंग फोटो को AwaasSoft पोर्टल पर अपलोड करवाना。 यदि फोटो अपलोड नहीं हुई, तो किस्त नहीं आएगी

2. प्रश्न: क्या मैं खुद जियो-टैगिंग कर सकता हूँ?
उत्तर: नहीं, यह काम आप स्वयं नहीं कर सकते। यह अधिकार केवल सरकार द्वारा प्रशिक्षित रोजगार सेवकों या ग्राम पंचायत के अधिकृत कर्मचारियों को ही है, जो AwaasApp के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं

3. प्रश्न: अगर दूसरी किस्त नहीं आ रही है, तो मुझे किससे संपर्क करना चाहिए?
उत्तर: सबसे पहले अपने गांव के रोजगार सेवक से संपर्क करें। यदि वहां समाधान न हो, तो BDO कार्यालय में जाएं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6163 पर कॉल करें

4. प्रश्न: दूसरी किस्त आने के बाद कितने दिनों में घर पूरा करना जरूरी है?
उत्तर: पहली किस्त मिलने के बाद से लाभार्थी को लगभग 12 महीनों के भीतर अपना मकान पूरा करना होता है, ताकि समय पर तीसरी किस्त प्राप्त की जा सके

5. प्रश्न: क्या मुझे दूसरी किस्त पाने के लिए किसी मध्यस्थ को पैसे देने होंगे?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है。 यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर किस्त दिलाने का वादा करता है, तो यह धोखाधड़ी है。 ऐसी स्थिति में तुरंत BDO कार्यालय को सूचित करें।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दूसरी किस्त प्राप्त करना उतना ही जरूरी है जितना कि मकान का निर्माण कार्य। यह ध्यान रखना होगा कि यह किस्त अपने आप नहीं आती; इसके लिए लिंटल स्तर तक निर्माण करवाना और फिर जियो-टैगिंग फोटो अपलोड करवाना अनिवार्य है। इस लेख में दी गई सरल प्रक्रियाओं का पालन करके आप घर बैठे अपनी किस्त का स्टेटस चेक कर सकते हैं और समस्या होने पर उचित कदम उठा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात, यदि निर्माण पूरा होने के बावजूद किस्त नहीं आ रही है, तो बिना किसी विलंब के अपने नजदीकी BDO कार्यालय या टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।

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